agriharyanaofwm.com मेरा पानी मेरी विरासत योजना हरियाणा किसान पंजीकरण

Share:
मेरा पानी मेरी विरासत योजना ऑनलाइन आवेदन | Mera Pani Meri Virasat Scheme Farmers Registration Haryana | मेरा पानी मेरी विरासत योजना किसान पंजीकरण  | Mera Pani Meri Virasat Yojana Apply Online Haryana | Mera Pani Meri Virasat

हरियाणा सीएम ने कोरोना वायरस लॉकडाउन के बीच प्रवासी श्रमिकों की कमी के कारण किसानों की कठिनाइयों को कम करने के साथ-साथ पानी के संरक्षण की पहल की है। हरियाणा सरकार ने फसल विविधीकरण के लिए "मेरा पानी मेरी विरासत योजना / Mera Pani Meri Virasat Yojana" शुरू की।


यह भी पढ़ें - आत्मनिर्भर हरियाणा Rs 15,000 ऋण योजना ऑनलाइन आवेदन व पात्रता

क्या है हरियाणा मेरा पानी मेरी विरासत योजना?

Mera Pani Meri Virasat Yojana Haryana Farmer Registration

What is Haryana Mera Pani Meri Virasat Scheme -: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने राज्य के धान बहुल क्षेत्रों में जल संरक्षण के लिए "मेरा पानी मेरी विरासत योजना / Mera Pani Meri Virasat Yojana" पोर्टल लॉन्च किया।

इस पोर्टल के माध्यम से, राज्य के किसान योजना के तहत 7,000 रुपये प्रति एकड़ की वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकते हैं। यह पोर्टल धान के स्थान पर अन्य वैकल्पिक फसलों की बुवाई का विवरण भी देता है। 

नई फसल विविधीकरण मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत, किसानों को धान के स्थान पर अन्य वैकल्पिक फसलों को उगाने के लिए 7000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

इसके तहत फतेहाबाद जिले के रतिया, कैथल जिले के सिवान और गुहला, पिपली, शाहबाद, कुरुक्षेत्र जिले के बाबैन, इस्माईलाबाद के सिरसा खंड और सिरसा जिले सहित 8 ब्लॉकों की पहचान की गई है, जहां भूजल स्तर 40 मीटर से नीचे है।

मेरा पानी मेरी विरासत योजना का संक्षिप्त विविरण:
  • योजना का नाम - मेरा पानी मेरी विरासत योजना
  • राज्य का नाम - हरियाणा राज्य
  • योजना शुभारम्भ - मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा
  • योजना लाभार्थी - राज्य के चयनित जिलों के किसान
  • योजना का लाभ - किसानों को 7,000 रुपये अनुदान
  • आधिकारिक वेबसाइट - http://www.agriharyanaofwm.com/
  • पंजीकरण प्रक्रिया - ऑनलाइन मोड से
  • आधिकारिक विज्ञप्ति - यहाँ क्लिक करें



मेरा पानी मेरी विरासत योजना की विशेषताएं:

Main Key Features & Benefits of Mera Pani Meri Virasat Yojana Haryana -: मेरा पानी मेरी विरासत योजना की विशेषताएं व उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

  • कम पानी वाली फसलों को उगाने हेतु प्रोत्साहन:
किसान उन फसलों पर की खेती अपना सकते हैं जिनके लिए मक्का, बाजरा, उड़द दाल, अरहर दाल, तिल और कपास जैसे कम पानी की आवश्यकता होती है। 

सरकार इसके लिए एक आधिकारिक वेबसाइट शुरू की गई है। इसके अलावा, सीएम ने घोषणा की कि पंचायती भूमि पर धान की खेती के लिए अनुमति नहीं दी जाएगी जहां भूजल स्तर 35 मीटर से नीचे है।

  • जल संरक्षण हेतु किसानों की अधिक भागीदारी:
पानी के संरक्षण की जरूरत पर जोर देते हुए खट्टर ने कहा कि राज्य में पानी के संरक्षण के लिए यह कदम जरूरी है। लगभग 36 ब्लॉक डार्क जोन बन गए हैं क्योंकि इन क्षेत्रों में भूजल स्तर में गिरावट की दर दोगुनी हो गई है। योजना के पहले चरण में उन 19 ब्लॉकों को शामिल किया जाएगा जहां भूजल स्तर 40 मीटर से अधिक हो गया है।

ज़ोन में आठ ब्लॉक शामिल हैं जो अभी भी धान उगा रहे हैं, भले ही पानी की कमी की दर 35 मीटर से नीचे चली गई हो। पिछले 12 वर्षों में धान उगाने के लिए अतिरिक्त पानी के उपयोग के कारण ये क्षेत्र सूख गए हैं। नतीजतन, अगर किसान धान उगाना जारी रखते हैं, तो पूरा राज्य जल्द ही एक डार्क जोन में बदल सकता है।

  • सूक्ष्म सिंचाई के लिए सरकार को 80% सब्सिडी
इसके अलावा, हरियाणा सरकार धान के बढ़ते विकल्पों के साथ ड्रिप सिंचाई या अन्य सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली अपनाने वाले किसानों को 80% अनुदान भी प्रदान करेगी।

हरियाणा में धान का 68 लाख मीट्रिक टन उत्पादन होता है। 32 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि में बासमती के 25 एलएमटी को शामिल किया गया। औसतन, प्रत्येक किलो चावल के अनाज के उत्पादन में लगभग 4 से 5,000 लीटर पानी की आवश्यकता होती है।

सभी में, पानी की कमी पूरे देश के लिए एक चिंता का विषय है। पूरे भारत में फसल विविधीकरण कार्यान्वयन आवश्यक है।



कैसे करें मेरा पानी मेरी विरासत योजना हेतु आवेदन या पंजीकरण

How to Apply Online or Registration for Mera Pani Meri Virasat Scheme Haryana -: मेरा पानी मेरी विरासत योजना के अंतर्गत 7000 रुपये अनुदान हेतु जो भी हरियाणा राज्य के किसान आवेदन या पंजीकरण चाहते हैं उनको नीचे दिए गए चरणों का पालन करना होगा। 
  • सर्वप्रथम, "मेरा पानी मेरी विरासत योजना, कृषि विभाग हरियाणा / Mera Pani Meri Virasat Scheme, On-Farm Water Management System Haryana" की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ।
  • वेबसाइट खोलते ही आपके कंप्यूटर स्क्रीन या मोबाइल स्क्रीन पर आधिकारिक वेबसाइट का होम-पेज खुल जायेगा। यहाँ आपको "किसान पंजीकरण करें / Farmer Registration" का एक विकल्प दिखेगा, उस पर क्लिक करें। 
  • इस विकल्प पर क्लिक करते ही आपके कंप्यूटर / मोबाइल स्क्रीन पर एक "किसान रजिस्ट्रेशन फॉर्म / Farmer Registration Form" खुल जायेगा। 
  • इस रजिस्ट्रेशन फॉर्म में आपको निम्नलिखित जानकारियां भरनी होंगी। कृपया ध्यान रहे आपको सारी जानकारी सही व सत्य भरनी होगी अन्यथा आपका आवेदन निरस्त कर दिया जायेगा। (*) मार्क वाले सभी कॉलम भरने अति-आवश्यक हैं। 
    • पहले योजना / Programme (Applying For) की जानकारी भरें। 
    • उसके बाद मूल स्थान विवरण / Village Details की जानकारी भरें। 
    • तीसरे विकल्प में आपको किसान का विवरण / Farmer Details भरनी होंगी। 
    • चौथे विकल्प में आपको भूमि का विवरण / Land Details प्रदान करना होगा। 
    • पांचवें विकल्प में आपको बैंक का विवरण / Bank Details भरना होगा। 
    • अंतिम विकल्प में आपको आधार कार्ड की स्कैन की हुई कॉपी अपलोड / Upload Scanned copy of Aadhaar Card करनी होगी। 

इन सभी जानकारियों को भरने के बाद आपका आवेदन विभाग तक पहुँच जायेगा। सफल पंजीकरण के बाद आपके मोबाइल नंबर पर एक मेसेज भी आएगा जिसमें आपको आपका एप्लीकेशन नंबर मिलेगा। इस आवेदन संख्या द्वारा आप अपने आवेदन की स्तिथि को ट्रैक कर सकते हैं।




यदि आपको आवेदन करने में किसी प्रकार की दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है तो आप किसान कॉल सेंटर 1800-180-1551 पर भी कॉल कर सकते हैं।


उम्मीद है आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी से जरूर लाभ मिलेगा। यदि आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी पसंद आई हो तो कृपया अपने मित्रों तथा परिवारजनों के साथ जरूर शेयर करें।

यदि आपको इस जानकारी से सम्बंधित कोई जानकारी हेतु मदद चाहिए, तो आप हमसे सहायता ले सकते हैं। कृपया अपना प्रश्न नीचे कमेंट बॉक्स में लिखें। हमारी टीम आपकी पूरी सहायता करेगी। यदि आपको किसी और राज्य या केंद्र सरकार की योजना की जानकारी चाहिए तो कृपया हमें कमेंट बॉक्स में हमसे पूछें।

No comments

आपका हमारी वेबसाइट Hindireaders.in पर कमेंट करने के लिए ध्यन्यवाद। हमारी टीम आप से जल्द ही संपर्क करेगी तथा आपकी समस्या का हल करेगी। हमारी वेबसाइट Hindireaders.in पर आते रहें।