Wednesday, February 8th, 2023

वो ख़त के पुर्ज़े हिंदी लिरिक्स – Woh Khat Ke Purze Hindi Lyrics (Jagjit Singh, Marasim)

मूवी या एलबम का नाम : मरासिम (2000)
संगीतकार का नाम – जगजीत सिंह
हिन्दी लिरिक के लिरिसिस्ट – गुलज़ार
गाने के गायक का नाम – जगजीत सिंह

वो ख़त के पुर्ज़े उड़ा रहा था
हवाओं का रुख दिखा रहा था

कुछ और भी हो गया नुमायाँ
मैं अपना लिक्खा मिटा रहा था
हवाओं का रुख…

उसी का ईमाँ बदल गया है
कभी जो मेरा ख़ुदा रहा था
हवाओं का रुख…

वो एक दिन एक अजनबी को
मेरी कहानी सुना रहा था
हवाओं का रुख…

वो उम्र कम कर रहा था मेरी
मैं साल अपने बढ़ा रहा था
हवाओं का रुख…