Wednesday, February 8th, 2023

कहीं बेख़याल होकर हिंदी लिरिक्स – Kahin Bekhayal Hokar Hindi Lyrics (Md.Rafi, Teen Devian)

मूवी या एलबम का नाम : तीन देवियाँ (1965)

संगीतकार का नाम – एस.डी.बर्मन

हिन्दी लिरिक के लिरिसिस्ट – मजरूह सुल्तानपुरी

गाने के गायक का नाम – मो.रफ़ी

कहीं बेख़याल होकर, यूँ ही छू लिया किसी ने

कई ख़्वाब देख डाले, यहाँ मेरी बेख़ुदी ने

कहीं बेख़याल होकर…

मेरे दिल में कौन है तू, के हुआ जहाँ अन्धेरा

वहीं सौ दीये जलाये, तेरे रुख़ की चाँदनी ने

कई ख़्वाब देख…

कहीं बेख़याल होकर…

कभी उस परी का कूचा, कभी इस हसीं की महफ़िल

मुझे दर-ब-दर फिराया, मेरे दिल की सादग़ी ने

कई ख़्वाब देख…

कहीं बेख़याल होकर…

है भला सा नाम उसका, मैं अभी से क्या बताऊँ

किया बेक़रार अक्सर, मुझे एक आदमी ने

कई ख़्वाब देख…

कहीं बेख़याल होकर…

अरे मुझपे नाज़ वालों, ये नयाज़मन्दियाँ क्यों

है यही करम तुम्हारा, तो मुझे न दोगे जीने

कई ख़्वाब देख…

कहीं बेख़याल होकर…