Wednesday, February 8th, 2023

नव कल्पना नव रूप से हिन्दी लिरिक्स – Nav Kalpana Nav Roop Se Hindi Lyrics (Md.Rafi, Mrig Trishna)

मूवी या एलबम का नाम : मृग तृष्णा (1975)

संगीतकार का नाम – शम्भू सेन

हिन्दी लिरिक के लिरिसिस्ट – शम्भू सेन

गाने के गायक का नाम – मो.रफ़ी

नव कल्पना नव रूप से

रचना रची जब नार की

सत्यम शिवम सुन्दरम से

शोभा बढ़ी संसार की

कला की दासी कामिनी

सोलह कला परिपूर्ण है

विश्व में विष कन्या के

ये नाम से प्रसिद्ध है

हाव भाव अनुभाव से

सेवा करे भगवान की

नव कल्पना नव रूप…

चँद्रमा सो मुख सलोनो

श्याम वरणा केश है

नैनों से मृगनयनी है

वाणी मधुर उच्चारती

नृत्य गान त्रिकधान पूजा

इनका धरम है आरती

नव कल्पना नव रूप…

नी रे गा, गा रे गा नी रे पा मा गा

सां नी पा मा गा रे, मा गा रे सा

देव लोक की देवदासी

सुन्दर रूप लुभावनी

पैंजन कंचुकी करधनी

सोलह श्रृंगार सुहावनी

शंख डमरू झाँझ झालर

नूपुर ध्वनि मनमोहनी

नव कल्पना नव रूप…